JEE MAIN - Physics Hindi (2015 (Offline))
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काँच के किसी प्रिज्म का कोण '$$\mathrm{A}$$' है। इस पर एकवर्णी प्रकाश आपतित होता है। यदि, प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक $$\mu$$ है तो, प्रिज्म के $$\mathrm{AB}$$ फलक पर, $$\theta$$ कोण आपतित प्रकाश की किरण, प्रिज्म के फलक $$\mathrm{AC}$$ से पारगत होगी यदि :
Responder(C)$$\theta > si{n^{ - 1}}\left[ {\mu \,\sin \left( {A - {{\sin }^{ - 1}}} \right.\left( {{1 \over \mu }} \right)} \right]$$ - 4
दर्शाये गये परिपथ में, एक प्रेरक $$(\mathrm{L}=0.03 \mathrm{H})$$ तथा एक प्रतिरोधक ($$\mathrm{R}=0.15 \mathrm{~k} \Omega$$) किसी $$15 \mathrm{~V}$$ विद्युत वाहक बल (ई. एम.एफ ) की बैटरी से जुड़े हैं। कुंजी $$\mathrm{K}_{1}$$ को बहुत समय तक बन्द रखा गया है। इसके पश्चात् समय $$\mathrm{t=0}$$ पर, $$\mathrm{K_{1}}$$ को खोल कर साथ ही साथ, $$\mathrm{K_{2}}$$ को बन्द किया जाता है। समय $$\mathrm{t=1} \mathrm{~ms}$$ पर, परिपथ में विद्युत धारा होगी : $$\left(e^{5} \cong 150\right)$$
Responder(B)$$0.67$$ $$mA$$ - 5
$$\mathrm{L C R}$$ (एल.सी.आर) परिपथ किसी अवमंदित लोलक के तुल्य होता है। किसी $$\mathrm{L C R}$$ परिपथ में संधारित्र को $$\mathrm{Q}_{0}$$ तक आवेशित किया गया है, और फिर इसे आरेख में दर्शाये गये अनुसार $$\mathrm{L}$$ व $$\mathrm{R}$$ से जोड़ा गया है।
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यदि एक विद्यार्थी $$\mathrm{L}$$ के, दो विभित्र मानों, $$\mathrm{L}_{1}$$ तथा $$\mathrm{L}_{2}$$ $$\left(\mathrm{L}_{1}>\mathrm{L}_{2}\right)$$ के लिये, समय $$\mathrm{t}$$ तथा संधारित्र पर अधिकतम आवेश के वर्ग $$\mathrm{Q}_{\mathrm{Max}}^{2}$$ के बीच दो ग्राफ बनाता है तो निम्नांकित में से कौन सा ग्राफ सही है ? (प्लॉट केवल व्यवस्था प्लॉट हैं तथा स्केल के अनुसार नहीं हैं)
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- 8दो समाक्षी परिनालिकाओं में, प्रत्येक से $$\mathrm{I}$$ धारा एक ही दिशा में प्रवाहित हो रही है। यदि, बाहरी परिनालिका के कारण, भीतरी परिनालिका पर चुम्बकीय बल $$\vec{F}_{1}$$ तथा भीतरी परिनालिका के कारण, बाहरी परिनालिका पर चुम्बकीय बल $$\vec{F}_{2}$$ हो तो :Responder(C)$$\mathrm{\overrightarrow{F}_{1}}=\mathrm{\overrightarrow{F}_{2}}=0$$
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$$10 \mathrm{~cm}$$ तथा $$5 \mathrm{~cm}$$ भुजाओं के एक आयताकार लूप (पाश) से एक विद्युत धारा, $$\mathrm{I}=12 \mathrm{~A}$$, प्रवाहित हो रही है। इस पाश को आरेख में दर्शाये गये अनुसार विभित्र अभिविन्यासों (स्थितियों) में रखा गया है।
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यदि वहाँ $$0.3 \mathrm{~T}$$ तीव्रता का कोई एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र, धनात्मक $$z$$ दिशा में विद्यमान है तो, दर्शाये गये किस अभिविन्यास में, यह पाश (लूप) (i) स्थायी संतुलन तथा (ii) अस्थायी संतुलन में, होगा ?
Responder(A)क्रमशः $$(\mathrm{b})$$ तथा $$(\mathrm{d})$$ में - 10
किसी $$240 \mathrm{~m}$$ ऊँची चोटी के एक किनारे से, दो पत्थरों को एकसाथ ऊपर की ओर फेंका गया है, इनकी प्रारंभिक चाल क्रमश: $$10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}$$ तथा $$40 \mathrm{~m} / \mathrm{s}$$ है, तो, निम्नांकित में से कौनसा ग्राफ (आलेख) पहले पत्थर के सापेक्ष दूसरे पत्थर की स्थिति के समय विचरण (परिवर्तन) को सर्वाधिक सही दर्शाता है ?
( मान लीजिए कि, पत्थर जमीन से टकराने के पश्चात ऊपर की ओर नहीं उछलते हैं तथा वायु का प्रतिरोध नगण्य है, दिया है $$\mathrm{g}=10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^{2}$$ )
(यहाँ ग्राफ केवल व्यवस्था आरेख हैं और स्केल के अनुसार नहीं हैं)
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दो पतले लम्बे तारों में प्रत्येक से I धारा प्रवाहित हो रही है। इन्हें $$\mathrm{L}$$ लम्बाई के विद्युतरोधी धागों से लटकाया गया है। इन धागों में प्रत्येक के द्वारा ऊर्ध्वाधर दिशा से '$$\theta$$' कोण बनाने की स्थिति में, ये दोनों तार साम्यावस्था में रहते हैं। यदि इन तारों की प्रति इकाई लम्बाई द्रव्यमान $$\lambda$$ है तथा $$\mathrm{g}$$ गुरुत्वीय त्वरण है तो, $$\mathrm{I}$$ का मान होगा :
Responder(D)$$2\sin \theta \sqrt {{{\pi \lambda gL} \over {{\mu _0}\,\cos \theta }}} $$ - 13$$0.1 \mathrm{~m}$$ लंबे किसी तार के सिरों के बीच $$5 \mathrm{~V}$$ विभवांतर आरोपित करने से इलेक्ट्रॉनों की अपवाह चाल $$2.5 \times 10^{-4} \mathrm{~ms}^{-1}$$ होती है। यदि इस तार में इलेक्ट्रॉन घनत्व $$8 \times 10^{28} \mathrm{~m}^{-3}$$ हो तो, इस के पदार्थ की प्रतिरोधकता होगी, लगभग :Responder(B)$$1.6 \times {10^{ - 5}}\Omega m$$
- 14किसी लम्बे बेलनाकार कोश के ऊपरी भाग में धनात्मक पृष्ठ आवेश $$\sigma$$ तथा निचले भाग में ऋणात्मक पृष्ठ आवेश $$-\sigma$$ हैं। इस बेलन (सिलिन्डर) के चारों ओर विद्युत क्षेत्र-रेखायें, यहाँ दर्शाये गये आरेखों में से किस आरेख के समान होंगी ? (यह आरेख केवल व्यवस्था आरेख है और स्केल के अनुसार नहीं है)Responder(C)
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- 15$$\mathrm{R}$$ त्रिज्या के किसी एकसमान आवेशित ठोस गोले के पृष्ठ का विभव $$\mathrm{V}_{0}$$ है ( $$\infty$$ के सापेक्ष मापा गया)। इस गोले के लिये, $$\frac{3 \mathrm{~V}_{0}}{2}, \frac{5 \mathrm{~V}_{0}}{4}, \frac{3 \mathrm{~V}_{0}}{4}$$ तथा $$\frac{\mathrm{V}_{0}}{4}$$ विभवों वाले समविभवी पृष्ठों की त्रिज्यायें, क्रमशः $$\mathrm{R}_{1}, \mathrm{R}_{2}, \mathrm{R}_{3}$$ तथा $$\mathrm{R}_{4}$$ हैं। तो,ResponderAB
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दिये गये परिपथ में, $$\mathrm{C}$$ के मान के $$1 \mu \mathrm{F}$$ से $$3 \mu \mathrm{F}$$ परिवर्तित होने से, $$2 \mu \mathrm{F}$$ संधारित्र पर आवेश $$\mathrm{Q}_{2}$$ में परिवर्तन होता है। '$$\mathrm{C}$$' के फलन के रूप में $$\mathrm{Q}_{2}$$ को कौन सा आलेख सही दर्शाता है ? (आलेख केवल व्यवस्था आरेख हैं और स्केल के अनुसार नहीं हैं।)
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किसी एकसमान तार की अनुप्रस्थकाट का क्षेत्रफल '$$\mathrm{A}$$' है। इससे बनाये गये एक लोलक का आवर्तकाल $$\mathrm{T}$$ है। इस लोलक के गोलक से एक अतिरिक्त $$\mathrm{M}$$ द्रव्यमान जोड़ देने से लोलक का आवर्तकाल परिवर्तित होकर $$\mathrm{T}_{\mathrm{M}}$$ हो जाता है। यदि इस तार के पदार्थ का यंग गुणांक '$$\mathrm{Y}$$' हो तो $$\frac{1}{\mathrm{Y}}$$ का मान होगा :
($$g=$$ गुरुत्वीय त्वरण)
Responder(C)$$\left[ {{{\left( {{{{T_M}} \over T}} \right)}^2} - 1} \right]{A \over {Mg}}$$ - 19
एक ठोस गोले का द्रव्यमान $$\mathrm{M}$$ तथा त्रिज्या $$\mathrm{R}$$ है। इससे $$\frac{\mathrm{R}}{2}$$ त्रिज्या का एक गोलीय भाग, आरेख में दर्शाये गये अनुसार काट लिया जाता है। $$\mathrm{r}=\infty$$ (अनन्त) पर गुरुत्वीय विभव के मान $$\mathrm{V}$$ को शून्य ($$\mathrm{V}=0$$) मानते हुए, इस प्रकार बने कोटर (कैविटी) के केन्द्र पर, गुरुत्वीय विभव का मान होगा :
( $$G=$$ गुरुत्वीय स्थिराँक है)
Responder(D)$${{ - GM} \over R}$$ - 20किसी गोलीय कोश ( शैल) की त्रिज्या $$\mathrm{R}$$ है और इसका ताप $$\mathrm{T}$$ है। इसके भीतर कृष्णिका विकिरणों को फोटॉनों की एक ऐसी आदर्श गैस माना जा सकता है जिसकी प्रति इकाई आयतन आन्तरिक ऊर्जा, $$u=\frac{U}{V} \propto T^{4}$$ तथा दाब, $$\mathrm{p = {1 \over 3}\left( {{U \over V}} \right)}$$ है। यदि इस कोश में रुद्धोष्म प्रसार हो तो, $$\mathrm{T}$$ तथा $$\mathrm{R}$$ के बीच संबंध होगा :Responder(A)$$T\, \propto {1 \over R}$$
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एक आदर्श गैस किसी बन्द (संवृत), वियुक्त (विलगित) कक्ष में सीमित (रखी) है। इस गैस में रुद्धोष्म प्रसार होने पर, इसके अणुओं के बीच टक्कर का औसत काल (समय) $$\mathrm{V}^{\mathrm{q}}$$ के अनुसार बढ़ जाता है, जहाँ $$\mathrm{V}$$ गैस का आयतन है। तो $$\mathrm{q}$$ का मान होगा :
$$(\gamma=\frac{C_{p}}{C_{v}})$$
Responder(A)$${{\gamma + 1} \over 2}$$ - 22
एक ठोस पिंड (वस्तु) की स्थिर ऊष्मा धारिता $$1 \mathrm{~J} /{ }^{\circ} \mathrm{C}$$ है। इसको ऊष्मकों (ऊष्मा भंडारों) के सम्पर्क में रखकर निम्न दो प्रकार से गर्म किया जाता है,
(i) अनुक्रमिक रूप से $$2$$ ऊष्मकों के सम्पर्क में इस प्रकार रखकर कि प्रत्येक ऊष्मक समान मात्रा में ऊष्मा देता है,
(ii) अनुक्रमिक रूप से $$8$$ ऊष्मकों के सम्पर्क में इस प्रकार रखकर कि प्रत्येक ऊष्मक समान मात्रा में ऊष्मा देता है,
दोनों स्थितियों में पिंड का प्रारंभिक ताप $$100^{\circ} \mathrm{C}$$ तथा अन्तिम ताप $$200^{\circ} \mathrm{C}$$ है। तो, इन दो स्थितियों में पिंड की एन्ट्रॉपी में परिवर्तन होगा, क्रमश:
Responder(D)$$ln2, ln2$$ - 23
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यहाँ आरेख में दो ब्लॉक (गुटके) $$\mathrm{A}$$ और $$\mathrm{B}$$ दर्शाये गये हैं जिनके भार क्रमशः $$20 \mathrm{~N}$$ तथा $$100 \mathrm{~N}$$ हैं। इन्हें, एक बल $$\mathrm{F}$$ द्वारा किसी दीवार पर दबाया जा रहा है। यदि घर्षण गुणांक का मान, $$\mathrm{A}$$ तथा $$\mathrm{B}$$ के बीच $$0.1$$ तथा $$\mathrm{B}$$ और दीवार के बीच $$0.15$$ है तो, दीवार द्वारा ब्लॉक $$\mathrm{B}$$ पर लगा बल होगा :
Responder(A)$$120$$ $$N$$ - 24किसी ठोस गोले का द्रव्यमान $$\mathrm{M}$$ तथा इसकी त्रिज्या $$\mathrm{R}$$ है। इसमें से अधिकतम संभव आयतन का एक क्यूब (घन) काट लिया जाता है। इस क्यूब का जड़त्व आघूर्ण कितना होगा, यदि, इसकी घूर्णन-अक्ष, इसके केन्द्र से होकर गुज़रती है तथा इसके किसी एक फलक के लम्बवत् है ?Responder(A)$${{4M{R^2}} \over {9\sqrt {3\pi } }}$$
- 27किसी सरल लोलक का आवर्त, $$\mathrm{T}=2 \pi \sqrt{\frac{\mathrm{L}}{\mathrm{g}}}$$ है। $$\mathrm{L}$$ का मापित मान $$20.0 \mathrm{~cm}$$ है, जिसकी यथार्थता $$1 \mathrm{~mm}$$ है। इस लोलक के $$100$$ दोलनों का समय $$90 \mathrm{~s}$$ है, जिसे $$1 \mathrm{~s}$$ विभेदन की घड़ी से नापा गया है। तो, $$\mathrm{g}$$ के निर्धारण में यथार्थता होगी :Responder(D)3 %

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