JEE MAIN - Physics Hindi (2016 (Offline))
- 6एक आर्क लैम्प को प्रकाशित करने के लिये $$80 \mathrm{~V}$$ पर $$10 \mathrm{~A}$$ की दिष्ट धारा $$\mathrm{(DC)}$$ की आवश्यकता होती है। उसी आर्क को $$220 \mathrm{~V}(\mathrm{rms}) ~50 \mathrm{~Hz}$$ प्रत्यावर्ती धारा $$\mathrm{(AC)}$$ से चलाने के लिये श्रेणी में लगने वाले प्रेरकत्व का मान है :Respondre(B)0.065 H
- 8एक पिन-होल कैमरा की लम्बाई '$$L$$' है तथा छिद्र की त्रिज्या $$a$$ है। उस पर $$\lambda$$ तरंगदैर्घ्य का समांतर प्रकाश आपतित है। छिद्र के सामने वाली सतह पर बने स्पॉट का विस्तार छिद्र के ज्यामितीय आकार तथा विवर्तन के कारण हुए विस्तार का कुल योग है। इस स्पॉट का न्यूनतम आकार $$b_{\min }$$ तब होगा जब :Respondre(A)$$a=\sqrt{\lambda L}$$ तथा $$b_{\min }=\sqrt{4 \lambda L}$$
- 9एक प्रयोग करके तथा $$i-\delta$$ ग्राफ बनाकर एक काँच से बने प्रिज़्म का अपवर्तनांक निकाला जाता है। जब एक किरण को $$35^{\circ}$$ पर आपतित करने पर वह $$40^{\circ}$$ से विचलित होती है तथा यह $$79^{\circ}$$ पर निर्गम होती है। इस स्थिति में निम्न में से कौनसा मान अपवर्तनांक के अधिकतम मान के सबसे पास है ?Respondre(C)$$1.5$$
- 11दो एकसमान तार $$A$$ व $$B$$ प्रत्येक की लम्बाई '$$l$$', में समान धारा $$I$$ प्रवाहित है। $$A$$ को मोड़कर $$R$$ त्रिज्या का एक वृत्त और $$B$$ को मोड़कर भुजा '$$a$$' का एक वर्ग बनाया जाता है। यदि $$B_{A}$$ तथा $$B_{B}$$ क्रमशः वृत्त के केन्द्र तथा वर्ग के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र हैं, तब अनुपात $$\frac{B_{A}}{B_{B}}$$ होगा :Respondre(B)$${{{\pi ^2}} \over {8\sqrt 2 }}$$
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त्रिज्या '$$a$$' तथा '$$b$$' के दो एक-केन्द्री गोलों के (चित्र देखिये) बीच के स्थान में आयतन आवेश-घनत्व $$\rho=\frac{A}{r}$$ है, जहाँ $$A$$ स्थिरांक है तथा $$r$$ केन्द्र से दूरी है। गोलों के केन्द्र पर एक बिन्दु-आवेश $$Q$$ है। '$$A$$' का वह मान बतायें जिससे गोलों के बीच के स्थान में एकसमान वैद्युत-क्षेत्र हो :
Respondre(C)$${Q \over {2\pi \,{a^2}}}$$ - 19
दो शंकु को उनके शीर्ष $$\mathrm{O}$$ पर जोड़कर एक रोलर बनाया गया है और उसे $$\mathrm{AB}$$ व $$\mathrm{CD}$$ रेल पर असममित रखा गया है (चित्र देखिये)। रोलर का अक्ष $$\mathrm{CD}$$ से लम्बवत है और $$\mathrm{O}$$ दोनों रेल के बीचोबीच है। हल्के से धकेलने पर रोलर रेल पर इस प्रकार लुढ़कना आरम्भ करता है कि $$\mathrm{O}$$ का चालन $$\mathrm{CD}$$ के समांतर है (चित्र देखिये)। चालित हो जाने के बाद यह रोलर :
Respondre(C)बाँयों ओर मुड़ेगा। - 20एक पेन्डुलम घड़ी $$40^{\circ} \mathrm{C}$$ तापमान पर $$12 \mathrm{~s}$$ प्रतिदिन धीमी हो जाती है तथा $$20^{\circ} \mathrm{C}$$ तापमान पर $$4 \mathrm{~s}$$ प्रतिदिन तेज़ हो जाती है। तापमान जिस पर यह सही समय दर्शायेगी तथा पेन्डुलम की धातु का रेखीय-प्रसार गुणांक $$(\alpha)$$ क्रमशः हैं :Respondre(C)$${25^ \circ }C;\,\,\alpha = 1.85 \times {10^{ - 5}}/{}^ \circ C$$
- 21एक आदर्श गैस उत्क्रमणीय स्थैतिक-कल्प प्रक्रम से गुज़रती है तथा उसकी मोलर-ऊष्मा-धारिता $$C$$ स्थिर रहती है। यदि इस प्रक्रम में उसके दाब $$P$$ व आयतन $$V$$ के बीच संबंध $$P V^{n}=$$ $$\mathrm{constant}$$ है। ($$C_{P}$$ तथा $$C_{V}$$ क्रमश: स्थिर दाब व स्थिर आयतन पर ऊष्माधारिता है) तब '$$n$$' के लिये समीकरण है :Respondre(D)$$n = {{C - {C_p}} \over {C - {C_v}}}$$
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'$$m$$' द्रव्यमान का एक बिंदु कण एक खुरदरे पथ $$\mathrm{PQR}$$ (चित्र देखिये) पर चल रहा है। कण और पथ के बीच घर्षण गुणांक $$\mu$$ है। कण $$P$$ से छोड़े जाने के बाद $$R$$ पर पहुँच कर रुक जाता है। पथ के भाग $$\mathrm{PQ}$$ और $$\mathrm{QR}$$ पर चलने में कण द्वारा खर्च की गई ऊर्जाएँ बराबर हैं। $$\mathrm{PQ}$$ से $$\mathrm{QR}$$ पर होने वाले दिशा बदलाव में कोई ऊर्जा खर्च नहीं होती।
तब $$\mu$$ और दूरी $$x(=\mathrm{QR})$$ के मान लगभग हैं क्रमश: :
Respondre(A)$$0.29$$ और $$3.5$$ $$m$$ - 24एक भारोत्तोलक भार को पहले ऊपर और फिर नीचे तक लाता है। यह माना जाता है कि सिर्फ भार को ऊपर ले जाने में कार्य होता है और नीचे लाने में स्थितिज ऊर्जा का ह्रास होता है। शरीर की वसा ऊर्जा देती है जो यांत्रिकीय ऊर्जा में बदलती है। मान लें कि वसा द्वारा दी गई ऊर्जा $$3.8 \times 10^{7} \mathrm{~J}$$ प्रति $$\mathrm{kg}$$ भार है, तथा इसका मात्र $$20 \%$$ यांत्रिकीय ऊर्जा में बदलता है। अब यदि एक भारोत्तोलक $$10 \mathrm{~kg}$$ के भार को $$1000$$ बार $$1 \mathrm{~m}$$ की ऊँचाई तक ऊपर और नीचे करता है तब उसके शरीर से वसा का क्षय है : ($$g=9.8 \mathrm{~ms}^{-2}$$ लें)Respondre(B)$$12.89 \times {10^{ - 3}}\,kg$$
- 25एक स्क्रू-गेज का पिच $$0.5 \mathrm{~mm}$$ है और उसके वृत्तीयस्केल पर $$50$$ भाग हैं। इसके द्वारा एक पतली अल्युमीनियम शीट की मोटाई मापी गई। माप लेने के पूर्व यह पाया गया कि जब स्क्रि-गेज के दो जॉवों को सम्पर्क में लाया जाता है तब $$45$$ वां भाग मुख्य स्केल लाईन के संपाती होता है और मुख्य स्केल का शून्य $$(0)$$ मुश्किल से दिखता है। मुख्य स्केल का पाठ्यांक यदि $$0.5 \mathrm{~mm}$$ तथा $$25$$ वां भाग मुख्य स्केल लाईन के संपाती हो, तो शीट की मोटाई क्या होगी ?Respondre(D)0.80 mm

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